धमतरी - नगरी विकासखंड के सरपंच संघ ने सोमवार को सामूहिक रूप से जिला कलेक्टर धमतरी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से सरपंचों ने पंचायतों को मिलने वाली मूलभूत राशि एवं 15वें वित्त आयोग की राशि शीघ्र जारी करने की मांग की। सरपंचों ने कहा कि निधि के अभाव में ग्राम पंचायतों के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी महसूस की जा रही है।
ज्ञापन में सरपंच संघ ने शासन से कई अहम मांगें रखीं, जिनमें प्रमुख रूप से पंचायतों को मूलभूत राशि एवं 15 वें वित्त आयोग की राशि तत्काल उपलब्ध कराई जाए।
सरपंच मानदेय में वृद्धि कर 30,000 प्रतिमाह किया जाए।सरपंचों को बीमा सुरक्षा का लाभ दिया जाए। पेंशन व्यवस्था लागू की जाए, ताकि पांच वर्ष का कार्यकाल पूर्ण करने वाले सरपंचों को पेंशन सुविधा मिल सके।
सरपंच संघ ने यह भी कहा कि पंचायतें ग्रामीण विकास की आधारशिला हैं। यदि समय पर निधि नहीं मिली तो गांवों के अधूरे कार्य और योजनाएं ठप पड़ जाएंगी। शासन से आग्रह किया गया कि पंचायतों की वित्तीय व प्रशासनिक समस्याओं का जल्द निराकरण किया जाए।
इस अवसर पर ब्लॉक सरपंच संघ के अध्यक्ष श्री उमेश देव, नरेश कुमार मांझी, उत्तम नेताम, नागेंद्र बोर्झा, अकबर मंडावी, डोमार सिंह नेताम, अमन कुमार ध्रुव, श्रीमती उषा देवी नाग, सोमनाथ सोम, रामकुमार समरथ, राधेश्याम नेताम, रेमंत शांडिल, नगीना सोम, श्रीमती रोमी सोम, अरुण कोर्राम एवं संत मरकाम सहित नगरी विकासखंड के सभी सरपंच उपस्थित रहे।
सरपंचों ने चेतावनी दी कि यदि शासन द्वारा शीघ्र उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन की रणनीति बनाने पर विवश होंगे।
धमतरी जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरुण सार्वा को ज्ञापन सौंपते हुए विकासखंड नगरी से सरपंच संघ के पदाधिकारी.

