🔷 04 माओवादी कैडर मुख्यधारा में लौटे — कुल 23 लाख रुपये का था इनाम.
कांकेर :- राज्य शासन की शांति, संवाद एवं विकास आधारित नक्सल उन्मूलन नीति और “पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन” कार्यक्रम के सकारात्मक प्रभाव से आज 04 माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागते हुए समाज की मुख्यधारा में वापसी की है।
इनमें 02 महिला एवं 02 पुरुष कैडर शामिल हैं, जिन पर कुल 23 लाख रुपये का इनाम घोषित था। ये कैडर उत्तर बस्तर डिवीजन, DK टेक्निकल टीम और गढ़चिरौली डिवीजन से जुड़े थे तथा वर्षों से नक्सल गतिविधियों में सक्रिय थे।
🔷 वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण :-
आत्मसमर्पण श्री आई.के. एलिसेला (भा.पु.से.), उप महानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कांकेर सहित BSF एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया।
यह निर्णय उन्हें—
• सरकारी पुनर्वास नीति
• नियत नेल्ला नार योजना
• पुलिस की सतत जनसंपर्क व विश्वास बहाली पहल
के कारण लेने में मददगार रहा।
🔷 आत्मसमर्पित माओवादि :-
(01) काजल उर्फ रजीता वेड़दा
• कंपनी नंबर 10 सदस्या
• इनाम: ₹8 लाख
• संगठन में भर्ती: 2021
• नवंबर 2024 मुसफरसी मुठभेड़ (05 नक्सली मारे गए) में शामिल,
(02) मंजूला उर्फ लक्ष्मी पोटाई
• उत्तर बस्तर डिवीजन टेक्निकल टीम – ACM
• इनाम: ₹5 लाख
• भर्ती: 2005
• 16 से अधिक नक्सल घटनाओं में शामिल
• 2008 IED विस्फोट (3 जवान शहीद)
• 2009 कोरकोटी एम्बुश (29 जवान शहीद)
(03) विलास उर्फ चैतू उसेण्डी
• D.K. टेक्निकल प्लाटून 50 – PPCM
• इनाम: ₹5 लाख
• भर्ती: 1995
• 2007 साधुमिचगांव मोड़ IED (5 जवान शहीद)
• मार्च 2025 पोदेबेड़ा-बीनागुंडा मुठभेड़
(04) रामसाय उर्फ लखन मर्रापी
• बड़गांव LOS उप कमांडर – ACM
• इनाम: ₹5 लाख
• भर्ती: 2004
• 42 से अधिक नक्सल घटनाओं में शामिल
• 2008, 2010, 2019—कई एम्बुशों में जवान शहीद
• 2024 हिदूर मुठभेड़
🔷 पुनर्वास प्रक्रिया जारी — प्रत्येक को ₹50,000 की तत्कालिक सहायता :-
आत्मसमर्पित कैडरों की विधिक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। पुनर्वास नीति के तहत प्रत्येक को ₹50,000 नकद सहायता दी गई है। उन्होंने संविधान में आस्था व्यक्त कर शांतिपूर्ण जीवन जीने का संकल्प लिया।
🔷 उमनि/ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री आई.के. एलिसेला की अपील :-
“छत्तीसगढ़ सरकार की ‘पूना मारगेम’ पुनर्वास नीति माओवादी कैडरों के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और स्वावलंबी जीवन का मार्ग खोल रही है। माओवादी हिंसा व भ्रमित विचारधारा त्यागकर निडर होकर समाज की मुख्यधारा में लौटें। सरकार उनका हर संभव तरीके से सहयोग करेगी।”
