💥 दोनो आरोपी पूर्व में दो बार पी.एम.टी. परीक्षा फर्जीवाड़ा मुन्ना भाई प्रकरण में जा चुके है, जेल।
💥 दोनो आरोपीगण अभी भी है, मेडिकल कॉलेज जगदलपुर के MBBS अध्ययनरत विद्यार्थी।
💥 आरोपीगण के विरूद्ध राज्य एवं राज्य के बाहर है, धोखाधड़ी के अपराध दर्ज।
आरोपी चन्द्रशेखर उर्फ चंदन सेन पिता हेमलाल सेन निवासी ग्राम कनसिंघी हाल राजापारा छुरा जो थाना छुरा का निगरानी बदमाश है। उसके विरूद्ध पंजीबद्ध प्रकरणों की जानकारी निम्नानुसार है -
01) अप. क्र. 283/2009 धारा 419,468,471,120बी भादवि0 थाना कोतवाली,महासमुंद। (पीएमटी परीक्षा केस)
02) अप. क्र. 220/2010 धारा 419, 420, 468, 471, 120बी, 34 भादवि.थाना सरकण्डा, बिलासपुर। (पीएमटी परीक्षा केस)
03) अप. क्र. 86/2013 धारा 420,34 भादवि. थाना कोतवाली ,जगदलपुर। (पीएमटी परीक्षा पास कराने के नाम पर 03 लाख रू. की धोखाधड़ी)
04) अप. क्र. 519/2013 धारा 420,406 भादवि. थाना छावनी, दुर्ग। (पीएमटी परीक्षा पास कराने के नाम पर 19 लाख रू. की धोखाधड़ी)
05) अप. क्र. 61/2015 धारा 4क जुआ एक्ट थाना छुरा, गरियाबंद।
06) अप. क्र. 80/2016 धारा 420 भादवि. थाना छुरा, गरियाबंद। (वार्ड व्वाय नौकरी लगो के नाम पर 55 हजार रू. की धोखाधड़ी)
07) अप. क्र. 109/2016 धारा 420,34 भादवि. थाना फिंगेश्वर, गरियाबंद। (छात्रावास अधीक्षक के नाम पर 1.30 लाख रू. का धोखाधड़ी)
08) अप. क्र. 86/2021 धारा 420,34 भादवि. थाना सिविल लाईन रायपुर। (स्वास्थ्य विभाग मे नौकरी के नाम पर 26.80 लाख रू. का धोखाधड़ी)
आरोपी निलिख राज पिता रणकेन्द्र सिंह महुरानीपुर झांसी उत्तर प्रदेश हॉल पता मेडिकल कॉलेज जगदलपुर का अबतक का ज्ञात अपराधिक रिकार्ड निम्नानुसार है -
01) अप. क्र. 283/2009 धारा 419, 468, 471, 120बी भादवि0 थाना कोतवाली, महासमुंद। (पीएमटी परीक्षा केस)
02) अप. क्र. 220/2010 धारा 419, 420,468, 471, 120बी, 34 भादवि.थाना सरकण्डा, बिलासपुर। (पीएमटी परीक्षा केस)
03) अप. क्र. 400/22 धारा 420, 406, 467,468, 471, 411, 120बी, 201 भादवि.थाना सेक्टर-50 गुरूग्राम। (लगभगब 05 करोड़ रू. की धोखाधड़ी)
दोनो आरोपीगण वर्तमान में स्व. बलीराम कश्यप मेडिकल कॉलेज जगदलपुर में वर्ष 2007 से एम.बी.बी.एस. की पढ़ाई कर रहे है। दोनो गिरफ्तार आरोपीगण के विरूद्ध पंजीबद्ध आपराधिक रिकर्ड की जानकारी पृथक से स्व. बलीराम कश्यप मेडिकल कॉलेज जगदलपुर से साझा की जायगी। इसके अतिरिक्त दोनो गिरफ्तार आरोपीगण द्वारा अब तक धोखाधड़ी कर अवैध रूप से अर्जित किये गये सम्पत्ति के संबंध में पृथक से जाँच की जायगी।

