पदोन्नत होने वाले अभियंताओं में तेनसिंह सूर्यवंशी, प्रमोद कुमार मेश्राम, जगदीश प्रसाद, कृष्ण कुमार रात्रे, तुलसी राम जोशी, नारद सिंह ध्रुव, रामभरोस भगत, राज्यशेखर मेश्राम, प्रदीप कुमार सिंह, टी.आर. साहू, रविंद्र कुमार नागरे, अरविंद कुमार गुप्ता और कमलेश शेण्डे शामिल हैं।
राज्य शासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि इन सभी अभियंताओं की नई पदस्थापना अलग से की जाएगी। इसका उद्देश्य यह है कि विभाग के निर्माण कार्यों को और बेहतर तरीके से पूरा किया जा सके। नई जिम्मेदारी के तहत ये सहायक अभियंता अब सड़कों, भवनों और अन्य निर्माण परियोजनाओं की निगरानी करेंगे, निर्माण की गुणवत्ता पर नजर रखेंगे और काम समय पर पूरा हो, यह सुनिश्चित करेंगे।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस फैसले से विभाग की कार्यप्रणाली मजबूत होगी और परियोजनाओं का संचालन अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, अनुभव और योग्यता के आधार पर दी गई यह पदोन्नति न केवल अधिकारियों का मनोबल बढ़ाती है, बल्कि विभागीय कामकाज में गुणवत्ता और पारदर्शिता भी लाती है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि पदोन्नति और नई पदस्थापना की पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार और पारदर्शी तरीके से की जाएगी। साथ ही, सभी पदोन्नत अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने नए कार्यक्षेत्र में पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ काम करें। इस निर्णय के जरिए राज्य शासन ने यह संदेश दिया है कि लोक निर्माण विभाग में बेहतर कार्य, अनुभव और जिम्मेदारी को महत्व दिया जाता है और आने वाले समय में गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य को प्राथमिकता दी जाएगी।
