कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्र के लोगों को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ना रहा। इस दौरान विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (CMEGP) तथा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में लगभग 50 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें स्व-सहायता समूहों की महिलाएं, पशु सखी, कृषक एवं पशुपालक शामिल रहे। उद्यमिता के प्रति उत्साहजनक रुचि देखते हुए PMEGP योजना के तहत 5 आवेदकों तथा PMFME योजना के तहत 7 आवेदकों का ऑन-द-स्पॉट पंजीयन किया गया। साथ ही पशुपालन एवं बकरीपालन प्रशिक्षण हेतु 20 प्रतिभागियों ने अपना नाम दर्ज कराया।
अपने उद्बोधन में डिप्टी कलेक्टर श्री मनोज मरकाम ने कहा कि नगरी विकासखण्ड में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं हैं। शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी और सहायता से स्थानीय युवाओं, महिलाओं एवं किसानों को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।
कार्यक्रम में जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, धमतरी के महाप्रबंधक श्री प्रशांत चंद्राकर, सीईओ जनपद पंचायत नगरी श्री रोहित बोर्झा, प्रबंधक श्री जगमोहन एक्का, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी, पशुपालन विभाग तथा उद्यानिकी विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।