कांकेर- कांकेर के आमाबेड़ा में हाल ही में आदिवासी और ईसाई समुदाय के बीच एक बड़ा विवाद हुआ है, जो एक व्यक्ति के शव को दफनाने को लेकर शुरू हुआ, जिसमें आदिवासी समाज ने ईसाई रीति-रिवाज से दफनाने का विरोध किया, जिसके बाद चर्चों में आगजनी हुई, पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, और इलाके में तनाव के कारण धारा 144 लगाई गई है. यह मामला धर्मांतरण, परंपराओं और स्थानीय संस्कृति की रक्षा के व्यापक मुद्दों से जुड़ा है, जिससे पुलिस और प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा है.
विवाद के मुख्य बिंदु :-
- दफनाने का विवाद:- कांकेर के बड़े तेवड़ा गांव में ईसाई रीति-रिवाज से एक व्यक्ति के शव को दफनाने पर आदिवासी समाज ने आपत्ति जताई, जिसके बाद शव को कब्र से निकाला गया और फिर बवाल हुआ.
- आगजनी और हिंसा:- गुस्साए आदिवासियों ने चर्चों में आगजनी की और विरोध प्रदर्शन किया, जिससे पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और कई पुलिसकर्मी घायल हो गए.
- धर्मांतरण का मुद्दा:- यह घटना धर्मांतरण के मुद्दे पर चल रहे तनाव का हिस्सा है, जहां 14 गांवों में पादरियों के प्रवेश पर प्रतिबंध है और आदिवासी समाज अपनी परंपराओं की रक्षा के लिए विरोध कर रहा है.
- कानूनी पहलू:- छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने PESA एक्ट के तहत ग्राम सभाओं के ऐसे फैसलों को संस्कृति की रक्षा के लिए वैध माना है, जिससे यह विवाद और गहरा गया है.
- तत्काल कार्रवाई:- तनाव को देखते हुए इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है और भारी पुलिस बल तैनात है, जबकि प्रशासन समुदाय के प्रतिनिधियों से बातचीत कर रहा है.
- यह विवाद स्थानीय परंपराओं और धार्मिक पहचान को लेकर चल रहे बड़े संघर्ष को दर्शाता है, जिसमें धर्मांतरण और स्थानीय संस्कृति के संरक्षण जैसे मुद्दे शामिल हैं.

