नगरी - सीतानदी अभ्यारण्य क्षेत्र अंतर्गत सीतानदी परिक्षेत्र के जैतपुरी के आसपास स्थित आरक्षित वन कक्ष क्रमांक 323 (घोटबेड़ा) में अवैध लकड़ी कटाई का मामला मंगलवार को सामने आया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोंडागांव जिले के आसपास के कई गांवों के कुछ ग्रामीणों द्वारा बिना अनुमति अभ्यारण्य के कोर जोन में प्रवेश कर खेती के उद्देश्य से छोटे-छोटे हरे-भरे पेड़ एवं पौधों की अवैध कटाई व सफाई की जा रही थी।
वन विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कोंडागांव जिले के ग्राम देवडोंगर, ढोंडरा, कोरगांव, रावबेड़ा, पिटिसपाल, राहटीपारा, हरबेल, कोहकामेटा, बडबत्तर, छोटे राजपुर, चिलपुटी, करमरी, कोकड़ी, बागबेडा एवं डोंगाईपारा के कुल 53 ग्रामीणों द्वारा इस अवैध गतिविधि को अंजाम दिया जा रहा था।
घटना की सूचना मिलते ही सहायक संचालक सीतानदी, परिक्षेत्र अधिकारी सीतानदी एवं परिक्षेत्र अधिकारी अरसीकन्हार के नेतृत्व में वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और अवैध कटाई को तुरंत रुकवाया। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से 53 नग कुल्हाड़ी जब्त की गईं।
वन विभाग द्वारा आरोपियों के विरुद्ध वन्यप्राणी रहवास क्षेत्रों के विनाश एवं पर्यावरण को क्षति पहुंचाने के आरोप में वन्यप्राणी (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 27, 29, 31, 50, 51, 52 तथा भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26(1)(क) के तहत वन अपराध पंजीबद्ध किया गया। सभी आरोपियों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगरी में चिकित्सकीय परीक्षण कराकर प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट, जिला धमतरी के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से न्यायालय के आदेश पर सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
इस पूरी कार्यवाही का नेतृत्व सहायक संचालक बी.एस.राजपूत के मार्गदर्शन में रेंजर सुशील सागर, लोकेश चौहान, अवधकुमार साहू, विजय कुमार, रूपेंद्र मरकाम, शिवा शुक्ला, प्रभुराम मरकाम, कुशऊ धुव सहित समस्त वन अमले द्वारा किया गया।
वन विभाग की त्वरित एवं सख्त कार्रवाई से क्षेत्र में वन संपदा को बड़े नुकसान से बचाया जा सका। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभ्यारण्य क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा भविष्य में भी सतत निगरानी एवं कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।


