रायपुर - छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की चार्जशीट के बाद हड़कंप मच गया है। भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार करते हुए सरकार आबकारी आयुक्त आशीष श्रीवास्तव को सस्पेंड करने की तैयारी में है, जबकि 31 अन्य अधिकारियों के बैंक खातों और संपत्तियों को सीज कर दिया गया है।
जांच के मुख्य बिंदु :-
100 गुना अधिक संपत्ति: कई अधिकारियों के पास उनके वेतन से 100 गुना अधिक बेहिसाब संपत्ति मिली है।
करोड़ों की जब्ती: ईडी ने अब तक 38.21 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति अटैच की है।
90 करोड़ का बंदरबांट: जांच में सामने आया है कि इस घोटाले में अफसरों के बीच लगभग 90 करोड़ रुपये की रिश्वत बांटी गई थी।
अफसरों की संपत्ति का कच्चा चिट्ठा (ED द्वारा अटैच) :-
ईडी ने जिन अधिकारियों की संपत्तियों का विवरण साझा किया है, उनमें प्रमुख नाम निम्नलिखित हैं :-
अधिकारी का नाम - अचल संपत्ति (रु) - चल संपत्ति (रु)
- नवीन प्रताप सिंह | 2,44,92,906 | 36,19,924 |
- गंभीर सिंह | 1,14,15,275 | 49,76,561 |
- नोहर सिंह ठाकुर | 1,76,46,857 | 2,14,17,682
- नीतू नोतानी | 61,45,535 | 1,47,40,739 |
- अरविंद पटले | 1,34,06,000 | 92,12,729 |
- आशीष श्रीवास्तव | 54,00,000 | — |
- निरंजन दास (पूर्व आयुक्त) | 8,83,33,291 | — |
- प्रकाश पाल | 65,41,000 | 70,30,866 |
- अनंत कुमार सिंह | 38,98,266 | 86,59,494 |
- अश्वनी कुमार अनंत | 34,08,000 | 8,86,559 |
- अनिमेष नेताम | 3,30,330 | 88,72,166 |
- मंजूश्री केसर | 34,88,000 | 97,17,938 |
- जनार्दन सिंह कौरव 49,00,000 | 45,35,201 |
- प्रमोद कुमार नेताम 45,23,300 | 28,92,454 |
- दिनकर वासनिक 45,19,592 । 69,12,733 |
- लखन लाल ध्रुव 1,36,51,570
- आशीष कोसम् 90,89,696
- सौरभ बख्शी 85,08,994
(सूची में विजय सेन शर्मा, विकास गोस्वामी, राजेश जायसवाल, सोनल नेताम, और रामकृष्ण मिश्रा जैसे अन्य नाम भी शामिल हैं जिनकी चल संपत्तियां फ्रीज की गई हैं।)
किसे कितनी मिली रिश्वत ?
ईडी के अनुसार, रिश्वत की राशि का वितरण कुछ इस प्रकार था: निरंजन दास: 18 करोड़ रुपये,इकबाल खान: 12 करोड़ रुपये, नोहर सिंह ठाकुर: 11 करोड़ रुपये,नवीन प्रताप सिंह तोमर: 6.7 करोड़ रुपये,आशीष श्रीवास्तव: 54 लाख रुपये के सबूत
आबकारी मंत्री "लखनलाल देवांगन, ने कहा कि जो भी अफसर दोषी पाए गए हैं, उन पर कार्रवाई होना तय है। भाजपा सरकार किसी भी तरह के भ्रष्टाचार को सहन नहीं करेगी। मामला अब न्यायालय में है, और अदालत के निर्णय के अनुसार आगे की कठोर कार्रवाई की जाएगी।
